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यहां ‘मजा’ करने के लिए पुरुषों को रात में बुलाती हैं महिलाएं


2011 में रिलीज हुई फिल्म ‘देसी बॉयज’ तो आपको याद ही होगी। फिल्म में जॉन अब्राहम और अक्षय कुमार लीड रोल में नजर आए थे। ‘देसी बॉयज’ एक अलग ही सब्जेक्ट पर बनी फिल्म थी। इस फिल्म में ‘देसी बॉयज’ वाला जो प्रोफेशन दिखाया गया था, वो बिल्कुल भी काल्पनिक नहीं था।

रियलिटी में भी हजारों युवा इस तरह का काम करते हैं। इन युवाओं को ‘जिगोलो’ कहा जाता है। ‘जिगोलो’ वो व्यक्ति होता है जिसे महिलाएं अपने मजे के लिए बुलवाती हैं। वैसे तो फिल्म में ‘जिगोलो’ के कंसेप्ट को बहुत हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया था। मगर आपको बता दें कि ‘जिगोलो’ का काम बैचलर पार्टी में जाकर नाचने-गाने से कहीं ज्यादा होता है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में ‘जिगोलो’ का मार्केट तेजी से फल-फूल रहा है। यह एक बड़ा बिजनेस बन रहा है। बड़ी तादाद में युवा इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर किस तरह का काम करते हैं ‘जिगोलो’, आइए जानते हैं।


आमतौर पर वेश्यावृति का जब भी जिक्र होता है तो महिला प्रॉस्टिट्यूट्स का ही जिक्र किया जाता है। देश के कई बड़े शहरों में रेड लाइट एरियाज बहुत मशहूर हैं। फीमेल प्रॉस्टिट्यूशन के मामले में मुंबई पहले स्थान पर है।


प्रॉस्टिट्यूट्स वो होते हैं जो पैसों के बदले सेक्सुअल प्लेजर देते हैं। कुछ वेश्याएं, वेश्यालयों में रहती हैं। जहां मेल कस्टमर आकर उन्हें सर्विस के लिए पैसे देते हैं। जबकि कुछ प्रॉस्टिट्यूट्स फोन पर अपॉइंटमेंट लेकर क्लाइंट के बुलाए स्थान पर चली जाती है।

चलिए अब हम मेल एस्कॉर्ट्स या जिगोलो की बात करते हैं। देश में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद जैसे लगभग सभी बड़े शहर ‘जिगोलो’ बिजनेस के लिए हब बन चुके हैं।


जिगोलो आमतौर पर 20-35 साल के युवा होते हैं। इनके कुछ ट्रेडमार्क साइन भी होते हैं। उदाहरण के लिए मुंबई में ये हाथ में लाल रूमाल या सिर पर बंदाना बांधते हैं। वही दिल्ली में जिगोलो गले में रूमाल या पट्टा बांधकर रखते हैं।


महिला क्लाइंट आमतौर पर शादीशुदा और 30 साल के आस-पास की उम्र की होती है। ये महिलाएं अमीर परिवारों से होती हैं, जिनके पति विदेश में जॉब करते हैं। बाहर जाते रहते हैं या अपने काम में बहुत ही ज्यादा व्यस्त रहते हैं।


मुंबई की बात करें तो एक जिगोलो एक महीने में औसतन 80-90,000 रुपए तक कमा लेता है। वही सीजन में यह कमाई लाख का आंकड़ा भी पार कर लेती है। एक रात के हिसाब से 5-10,000/ रात तो मिल ही जाते हैं।


ऐसा नहीं है कि बेरोजगार या गरीब युवा ही जिगोलो बनते हैं। इंजीनियरिंग या मेडिकल की तैयारी कर रहे युवा भी खुशी-खुशी ऐसा करते हैं। ऐसा वो अपनी अय्याशी पूरी करने के लिए करते हैं।


दिल्ली और मुंबई के कुछ पॉश इलाकों में रात के समय ‘जिगोलो बाजार’ सजते हैं। मुंबई में जुहू बीच, कोलाबा, मरीन ड्राइव, निपानिया सी रोड आदि प्रमुख स्पॉट हैं। वहीं दिल्ली के अंसल प्लाजा, कनॉट प्लेस, जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर आदि इस लिस्ट में शामिल हैं। इसके अलावा, नाइट क्लब्स, पब्स और डिस्को भी इनके मीटिंग स्पॉट होते हैं।


इन जिगोलो को कई नए नाम भी दिए जाते हैं। जिनमें मिस्टर दिल्ली, मिस्टर मुंबई के साथ ही बॉलीवुड सितारों के नाम भी शामिल हैं।

चलिए अब आपको कुछ जिगोलो की कहानियां सुनाते हैं।


एक युवक ने अपने जिगोलो बनने की कहानी बताते हुए बताया, “एक बार रात 11 बजे पार्टी से लौटने के बाद मैं बस का इंतजार कर रहा था। एक महिला मेरे सामने आकर रूकी और मुझे लिफ्ट ऑफर की। वो मुझे अपनी जगह ले गई। उसने मुझे ड्रिंक पिलाई और इसके बाद हम इंटिमेट भी हुए। लौटते वक्त उसने मुझे 2,000 रुपए भी दिए। हम 3-4 बार मिले और उसने मेरा नंबर सर्क्युलेट कर दिया। फिर यह सिलसिला शुरू हो गया।”

इन्हें मिले 10,000 रुपए

एक अन्य जिगोलो ने भी इस मार्केट में ऐसे ही कदम रखा था। उसकी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया था और उसे एक महिला मिली। वो उसे घर ले गई। उन्होंने रातभर संभोग किया और सुबह इस युवक को 10,000 रुपए मिल गए।


एक जिगोलो ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा था कि इनमें क्लांइट्स में से अधिकतर सेल्फ डिपेंडेंट होती हैं और बहुत ज्यादा ड्रिंक करना इनके लिए आम होता है। वही कुछ इतनी साइको होती है कि उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है।


एक जिगोलो का यह भी दावा है कि सभी महिलाएं सिर्फ संबंध ही नहीं चाहती है। कुछ को अपना दिल हल्का करने और बात करने के लिए भी कोई चाहिए होता है। वही कुछ को सिर्फ किटी पार्टी या पार्टी में मौज-मस्ती करनी होती है।


इस बिजनेस में कोऑर्डिनेटर और एजेंट्स का भी बहुत बोल-बाला है। एजेंट्स क्लाइंट्स और जिगोलो के बीच ब्रिज की तरह काम करते हैं। ये फोटोग्राफ वगैरह दिखाकर डील फिक्स करते हैं और इसके बदले कमीशन भी लेते हैं। इन्होंने कई वेबसाइट भी बना रखी हैं।


इन जिगोलो को बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जाती है। कई पुरुष उन्हें ट्रेनिंग करने का काम करते हैं। उन्हें फिट रहने, मर्दाना बर्ताव करने और महिलाओं को खुश करने के टिप्स दिए जाते हैं।

युवाओं को इस दिशा में पैसा और मजा दोनों दिख जाता इसलिए वो इसकी ओर आसानी से आकर्षित हो जाते हैं। हालांकि ये एक तरीके से उन्हें बर्बाद ही कर रहा है। उन्हें इस दलदल में घूसने से पहले विचार जरूर करना चाहिए।
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